8 मई 2023 - 10:02
प्रतिरोध का मिला फल, 12 वर्षों के बाद अरब संघ में सीरिया की सदस्यता बहाल, अमेरिका और इस्राईल की धड़कनें तेज़

सीरिया की सरकार का तख्ता पलटने की उम्मीद पर पानी फिर जाने के 12 वर्षों के बाद अरब संघ में सीरिया की सदस्यता बहाल हो गयी है।

अरब संघ के विदेशमंत्रियों ने कल मिस्र की राजधानी काहेरा में एक बैठक की जिसमें इस बात का फैसला लिया गया। 12 नवंबर 2011 को सऊदी अरब सहित कुछ अरब देशों ने अरब संघ में सीरिया की सदस्यता को विलंबित करने का फैसला लिया था।

इराकी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता अहमद अस्सहाफ ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि अरब संघ के विदेशमंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई है कि इस संघ में सीरिया की सीट उसे दे दी जाये। इराकी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सीरिया की अरब संघ में वापस के लिए बगदाद ने इन वर्षों में जो कुछ भी अंजाम दिया उसने आज यानी सात मई को नतीजा दिया और इससे क्षेत्र और सीरिया में शांति व सुरक्षा स्थापित करने में मदद मिलेगी।

अलमयादीन ने भी रिपोर्ट दी है कि अरब संघ के विदेशमंत्रियों ने सर्वसम्मति से और किसी प्रकार की शर्त के बिना इस संघ में सीरिया की वापसी के प्रति सहमति जताई है। क़ाहेरा में अरब संघ के विदेशमंत्रियों की बैठक की समाप्ति के बाद जो संयुक्त विज्ञप्ति जारी की गयी उसमें सीरिया संकट के समाधान के लिए सीधे दमिश्क सरकार से बात करने पर बल दिया गया है।

मिस्र के विदेशमंत्री सामेह शुक्री ने बल देकर कहा है कि हम सबको सीरियाई लोगों के साथ खड़ा होना चाहिये और सीरियाई लोगों की पीड़ा समाप्त करने में अपनी ज़िम्मेदारियों पर अमल करना चाहिये। मिस्री विदेशमंत्री ने इसी प्रकार कहा कि सीरिया संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है और राजनीतिक मार्गों से इस संकट का समाधान किया जाना चाहिये।

ज्ञात रहे कि 22 देश अरब संघ के 22 सदस्य हैं और वर्ष 2011 में सऊदी अरब और कुछ अरब देशों ने दमिश्क सरकार पर अपने विरोधियों के दमन का आरोप लगाकर अरब संघ में सीरिया की सदस्यता विलंबित कर दी थी। MM

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